स्वास्थ्य परीक्षण शिविर



राष्ट्रपिता  महात्मा गांधी अपने जीवन में साफ-सफाई और स्वच्छता को जितना महत्व देते थे उससे कहीं 
ज्यादा वे गरीब-दुखियों और दूसरों की पीड़ा दूर करने की बात करते थें। महात्मा गांधीr के अनुसार दूसरों की पीड़ा दूर करने से बड़ा कोई परोपकार,कोई धर्म नहीं होता।'वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीर पराई जाणे रे' उनका सबसे प्रिय भजन था जो वे हमेशा गुनगुनाते रहते थे। इस भजन के का अर्थ है की सज्जन उसी को कहना चाहिए जो दूसरों की पीड़ा समझ सके। वर्तमान समय में महात्मा गांधी के स्वच्छता पर तो बहुत काम हो रहा है कुछ काम तो वास्तव में हो रहा है लेकिन स्वच्छता अभियान के नाम पर आटा पोत भंडारी बनने वालों की संख्या कुछ ज्यादा ही है जो साफ-स्वच्छ स्थानों पर भी झाड़ू लेकर फोटो खीचवाने में माहिर है। पर गांधीजी के वास्तविक विचार को स्वच्छता अभियान के आगे लगभग सभी लोग भूल गए हैं। ऐसे में वाराणसी में शिव समर्पण सेवा संस्थान के अध्यक्ष व राजमंदिर क्षेत्र के पार्षद अजीत सिंह ने २ अक्टूबर को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर आम जनता का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उनकी पीड़ा दूर करने का बेहतरीन प्रयास किया है। एक पार्षद का यह प्रयास सही मायने में बापू को सच्ची श्रद्धांजलि साबित हुआ।

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अजीत सिंह वार्ड 53  राजमंदिर ! 

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